Showing posts with label कफ़न. Show all posts
Showing posts with label कफ़न. Show all posts

Tuesday, March 31, 2009

मनीष थापा के लिए

तुम कहो तो मर भी जाऊं मैं
मगर इक शर्त है
बस कफ़न के वास्ते
आंचल तुम्हारा चाहिए

"तुम बोलेगा तो हम मर ज़ाएगा
लेकिन एक सरत ए
बस तुमारा कपन का वास्ते
आंचल चाइए"