सब सच है..
ज़िंदगी प्यारे रसमलाई है
हां मगर कंडीशंस अप्लाई है
काजू बादाम की तमन्ना थी
हिस्से बस मूंगफली ही आई है
दर्द के हाई टाइड उठते हैं
हमने हंसने की कसम खाई है
कदम उट्ठें मेरे तो कैसे उठें
पीछे कुआं है आगे खाई है
हम तो वादाफरोश ही निकले
तुमने भी कौन सा निभाई है!
चलो ओयो के रूम ढूंढते हैं
अब यही प्यार की गहराई है
-गिरिजेश (27.11. 2022)

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