Thursday, October 30, 2008

सुंदर

उसे बुरा नहीं लगता
उसे डर नहीं लगता
उसे भूख लगती है
और गुदगुदी

1 comment:

Dr. Shreesh K. Pathak said...

फुटकर नोट्स, वाह....आपकी लेखिनी में एक अलग ही सौन्दर्य है यथार्थ का....मुझे ये क्षणिकाएं बहुत अच्छी और जैसे कुछ-कुछ अपील करती नज़र आयी....ये कमेन्ट मोडरेशन से वर्ड वेरिफिकेशन हटा देंगे तो कमेन्ट देने में पाठकों को सहूलियत होगी....ब्लॉगजगत में आपका मै स्वागत करता हूँ....